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भारत वर्ष में एक जाति निवास करती हैं. जिसे लोग "लोधी लोधा लोध राजपूत" कहते हैं. अंग्रेज इतिहासकार जेम्स टाड के अनुसार इन्हें धरती के प्रथम क्षत्रिय होने का गौरव प्राप्त हैं. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में इस समाज की लगभग 12% के आस-पास जनसंख्या हैं. जो कि राजनीतिक और सामाजिक रुप से बहुत ही महत्वपूर्ण हैं. और ये समाज बाबू जी कल्याण सिंह के समय से और अब तक निर्विरोध भाजपा का एकमुश्त बंधुआ वोटर हैं. और बाबू जी की राजनीति से ही भाजपा की जड़ें उत्तर प्रदेश में मजबूत हुई. बाबू जी ने उत्तर प्रदेश में अपने बलबूते भाजपा की सरकार बनाई. और बाबरी मस्जिद का ध्वस्तीकरण भी बाबू जी कल्याण सिंह के शासन काल में हुआ. कल्याण सिंह ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए सरकार को लात मार दी.राम के नाम पर सत्ता बलिदान कर दी. और कारसेवकों पर गोलियां नहीं चलवाई. बाबू जी के देहांत के बाद समाज को मजबूत नेतृत्व की कमी खल रही हैं. वर्तमान में वही भाजपा आज "लोधी राजपूत" को पूरे उत्तर प्रदेश में केवल दो जिला अध्यक्ष बना रही हैं, बड़ा ही हैरानी की बात हैं. अब इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं चंद स्वार्थी सांसद विधायक एवं लोधी राजपूत महासभाओं के राष्ट्रीय अध्यक्ष. ये लोग चुनाव के समय तो समाज का सौदा करने के बाद अपने ही समाज को भूल जाते हैं. .जब कभी भी समाज के साथ कोई दुर्घटना होती हैं तो समाज असहाय और अपाहिज महसूस होता हैं. और समाज में सामाजिक महासभाओं के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के समय अक्सर समाज को अपनी महत्वाकांक्षाओं की भेट चढ़ |
देते है.
जोकि बढ़ा ही दुर्भाग्य पूर्ण और कष्टदायक हैं.
✒️ Shyamsingh Lodhi Rajput
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