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मातृ दिवस पर माँ को समर्पित
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जिसने अपनी माँ को पूजा, रहा कभी न भूखा l धन दौलत और शोहरत का भी, रहा कभी न सूखा ll जिसने अपना माथा मां के, कदमों में रखा हैं l दूधों पूतों खूब फला वो, सूरज सा चमका हैं ll अभी भी गावों में माता की, सेवा बच्चे करते हैं l शहरों का तो फिर क्या कहना, बच्चों का हाल बुरा है ll घर में हुकुम चलावे बीबी, पति बने हैं लल्लू l वृद्धाश्रम मां को भेजें, कुत्ता.. घर में खेले कुल्लू ll मां होती ममता की मूरत, कभी न गुस्सा होती l जीवन भर बच्चों के खातिर, कष्टों को सहती हैं ll बात मान लो गांठ बांध लो, न करो अनादर मां का l याद आयेगी पछताओगे, जब ले जायेंगे विधाता ll जिसने अपनी माँ को पूजा, रहा कभी न भूखा l धन दौलत और शोहरत का भी, रहा कभी न सूखा ll 📝 लोधी श्याम सिंह राजपूत सर्वाधिकार सुरक्षित 05/03/024
चौकीदार
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रात दिना कर चौकीदारी, थक गये चौकीदार l चोर माफिया ठग जितने सब, अब बन गये हैं परिवार ll था चार सौ का जब सिलेण्डर, करते थे लुंगी डांस ll अब महगांई पे बात करो तो, फूलन लागत सांस ll पचास किलो से यूरिया, हो गयी पैंतालिस केजी l रोजगार तो सपना हो गयो, फिर पेपर लीकी सीखी ll करे बतकही चौराहे पर, योगीराज महान l लेकिन साढ़न ने गेंहू चर लै, का खंय्ये साल तमाम ll चौकीदारी मंहगी पढ़ रही, का करिये करतार l घर में लड़का रडुआ घूमत, नाई हो रहें ब्याह ll 📝 सर्वाधिकारी सुरक्षित श्याम सिंह लोधी राजपूत.
Lodhi Lodha Lodh
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हम लोधी लोधा लोध, सनातन वाले हैं शिव की भक्ति में मस्त, रहे मतवाले हैं क्षत्रिय कुल की चंद्रवंश, शाखा में जनमे वीर युद्ध क्षेत्र और क्रांती क्षेत्र में, लड़े कई रणधीर गहढ़वाल के वीर रिखोला, किया था जग में नाम मुगल खदेड़े डाकू मारे, आजतलक सरनाम हिरदेशाह हीरापुर वाले, किये खूब सांग्राम पहली क्रांति लड़ी देश की, कर गये जग में नाम रामगढ़ की रानी अवंती, बनी देश की शान वीरगति रानी पाई, देश पे हुई बलिदान महतो अमर सिंह लोधी ने, किया विकट संग्राम गोहांड से चरखारी तक, नभ में गूंजा नाम दरियाव सिंह फतेहपुरी से, कांपे थे अंग्रेज लोधा कुल में जन्मे थे, वीरों के थे वीर फहराया था पहला तिरंगा, लखनऊ के बीच अनगिनत गोली से छलनी, हो गये थे रणधीर चिरनिंद्रा में सो गये थे, गुलाब सिंह बलवीर ये तो केवल कुछ वीरों के, नाम गिनाए हैं तेजपुरी की कलम ने केवल, छंद सुनाए हैं हम लोधी लोधा लोध, सनातन वाले हैं शिव की भक्ति में मस्त, रहे मतवाले हैं
लोधी राजपूत दिवस
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गोहांड (हमीरपुर) के जागीरदार लोधी अमर सिंह महतो जिन्होंने 1842 और 1857 की क्रांति में युद्ध लड़ा। 1857 की आज़ादी की लड़ाई में तात्या टोपें जी को 24 तोपें और 3 लाख रुपए देकर अंग्रेजो से लड़ाई लड़ते हूयें बलिदान दे दिया आज 31 को दिसंबर बलिदान दिवस पर शत शत नमन इंक़लाब ज़िंदाबाद . इसलिए आज के दिन 31 दिसम्बर को लोधी लोधा लोध राजपूत दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता हैं. जागों और अपने इतिहास को पढ़ो 🙏🙏🙏