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Showing posts from December, 2023

लोधी राजपूत दिवस

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 गोहांड (हमीरपुर) के जागीरदार लोधी अमर सिंह महतो जिन्होंने 1842 और 1857 की क्रांति में युद्ध लड़ा। 1857 की आज़ादी की लड़ाई में तात्या टोपें जी को 24 तोपें और 3 लाख रुपए देकर  अंग्रेजो से लड़ाई लड़ते हूयें बलिदान दे दिया आज 31 को दिसंबर बलिदान दिवस पर शत शत नमन इंक़लाब ज़िंदाबाद . इसलिए आज के दिन 31 दिसम्बर को लोधी लोधा लोध राजपूत दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता हैं.   जागों और अपने इतिहास को पढ़ो 🙏🙏🙏

लोधी राजपूत समाज के MP में जीते विधायक .

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त्यागमूर्ति महामानव महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वामी ब्रह्मानन्द जी

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स्वामी ब्रह्मानंद त्यागमूर्ति महामानव    संपादित करें स्वामी ब्रह्मानन्द का जन्म 04 दिसम्बर 1894 को  उत्तर प्रदेश  के  हमीरपुर जिले  की राठ तहसील के बरहरा नामक गांव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम मातादीन लोधी तथा माता का नाम जशोदाबाई लोधी था। स्वामी ब्रह्मानन्द के बचपन का नाम शिव दयाल लोधी था।  स्वामी ब्रह्मानन्द जी की प्रारम्भिक शिक्षा हमीरपुर में ही हुई। इसके पश्चात् उन्होने घर पर ही  रामायण ,  महाभारत ,  गीता ,  उपनिषद  और अन्य शास्त्रों का अध्ययन किया। इसी समय से लोग उन्हें 'स्वामी जी' कहकर बुलाने लगे। पिता मातादीन लोधी को डर सताने लगा कि कहीं उनका पुत्र साधू न बन जाए। इस डर से उन्होने स्वामी ब्रह्मानंद जी का विवाह सात वर्ष की उम्र में हमीरपुर के ही लोधी गोपाल महतो की पुत्री राधाबाई से करा दिया। आगे चलकर राधाबाई ने एक पुत्र और एक पुत्री को जन्म दिया। लेकिन स्वामी जी का चित्त अब भी आध्यात्मिकता की तरफ था। स्वामी ब्रह्मानन्द जी ने 24 वर्ष की आयु में पुत्र और पत्नी का  मोह  त्याग गेरूए वस्त्र ...

दमोह छात्रावास में "लोधी राजपूत" दिव्यांग बेटी के साथ रेप

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 दमोह छात्रावास में  ओबीसी लोधी राजपूत समाज की 10 साल की दिव्यांग बेटी के साथ 55 वर्षीय छात्रावास चौकीदार ओमप्रकाश तिवारी ने बलात्कार किया.  मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि हुई हैं.  अब ये बात समझ नहीं आ रही कि इतने हिन्दू भगवा सनातनी संगठन थे. सबके सब लापता हो गये, या कहीं गंदी नाली में पड़े होंगे,ये सबके सब ओबीसी वर्ग को मूर्ख बनाने के लिये संगठन हैं.  किसी भी संगठन ने अभी तक आवाज नहीं उठाई. अभी बलात्कारी मुसलमान होता तो सबके सब नंगा नाच कर रहे होते.  सवाल ये हैं कि ये संगठन केवल क्या हिंदू मुस्लिम नफरत फैलाने के लिये हैं  क्योंकि बलात्कारी ओमप्रकाश तिवारी हैं तो जो इनकी जाति हैं वही बन गये. मैं दमोह पुलिस से निवेदन करता हूँ कि ऐसे बलात्कारियों को सरेराह हिजड़ा बना देना चाहिए.        आप क्या सोचते कमेंट में जरूर बताये.